Assam को मिला बड़ा तोहफा: IIM Guwahati का 555 करोड़ का कैंपस, युवाओं के सपनों को मिलेगी नई उड़ान

IIM Guwahati :-पूर्वोत्तर भारत के युवाओं के लिए यह खबर उम्मीद और नए अवसरों से भरी हुई है। अब असम के छात्रों को उच्च स्तर की प्रबंधन शिक्षा के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा, क्योंकि राज्य को एक और प्रतिष्ठित संस्थान का लाभ मिलने जा रहा है। केंद्र सरकार ने IIM Guwahati के स्थायी परिसर के निर्माण को लेकर बड़ा कदम उठाया है, जिससे शिक्षा के क्षेत्र में नई दिशा मिलने की उम्मीद है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को असम को कई बड़ी सौगातें दीं। इसी क्रम में उन्होंने वर्चुअल माध्यम से IIM Guwahati के स्थायी कैंपस का उद्घाटन किया। इसे पूर्वोत्तर भारत में उच्च प्रबंधन शिक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

सरकार ने पिछले वर्ष गुवाहाटी में नए आईआईएम की स्थापना को मंजूरी दी थी। यह संस्थान पूर्वोत्तर क्षेत्र का दूसरा और पूरे देश का 22वां भारतीय प्रबंधन संस्थान बन गया है। इससे पहले शिलांग में एक आईआईएम संचालित हो रहा है, जो इस क्षेत्र के छात्रों को प्रबंधन शिक्षा प्रदान कर रहा है।

555 करोड़ रुपये से बनेगा आधुनिक कैंपस

जानकारी के अनुसार, IIM Guwahati के स्थायी परिसर का निर्माण लगभग 555 करोड़ रुपये की लागत से किया जाएगा। फिलहाल यह संस्थान अस्थायी परिसर से संचालित हो रहा है, लेकिन जल्द ही इसका अपना आधुनिक कैंपस तैयार होगा।

यह स्थायी कैंपस असम के कामरूप जिले में 76.83 हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित किया जाएगा। यह स्थान प्लसपरा क्षेत्र के पास स्थित है, जहां छात्रों को अत्याधुनिक सुविधाओं के साथ पढ़ाई का अवसर मिलेगा।

देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती देंगे नए IIM

केंद्र सरकार ने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट (अमेंडमेंट) बिल, 2025 को भी लागू कर दिया है। इसके बाद नए संस्थानों में दाखिले की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, जिससे छात्रों को समय पर अवसर मिल सके।

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि इस तरह के संस्थान भारत को दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने में अहम भूमिका निभाएंगे। उन्होंने यह भी बताया कि वर्ष 1961 से 2014 तक देश में केवल 13 आईआईएम स्थापित हुए थे, जबकि पिछले 10–11 वर्षों में इनकी संख्या में काफी वृद्धि हुई है।

पूर्वोत्तर के छात्रों के लिए नए अवसर

IIM Guwahati के स्थायी कैंपस के शुरू होने से न सिर्फ असम बल्कि पूरे पूर्वोत्तर क्षेत्र के छात्रों को फायदा मिलेगा। इससे उन्हें बेहतर प्रबंधन शिक्षा, आधुनिक संसाधन और करियर के नए अवसर मिलेंगे।

Disclaimer: यह लेख सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। किसी भी आधिकारिक जानकारी, तिथि या प्रक्रिया में बदलाव हो सकता है, इसलिए संबंधित संस्थान या आधिकारिक वेबसाइट से पुष्टि अवश्य करें।

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